अहा , ग्राम्य जीवन भी क्या है ...?re simple than village life...

Some true stories about village life

जोधपुर के आसपास ग्राम्य जीवन की झलकियाँ

मंगलवार, 27 अक्तूबर 2009

पुष्कर का पवित्र सरोवर


पुष्कर का पवित्र सरोवर अब इस हाल में है.पुष्कर का विश्व प्रसिद्ध पशु मेला शुरू हो चुका है और कार्तिक एकादशी से लेकर पूनम तक पवित्र सरोवर में डुबकी लगा कर पुण्य कमाने के लिए इन पांच दिनों में लगभग पांच लाख लोग पुष्कर पहुंचेंगे.लगभग ३५ हजार विदेशी भी राजस्थान की ग्रामीण संस्कृति की झलक देखने के लिए यहाँ पहुचेंगे.लेकिन इस महान पवित्र सरोवर की दुर्दशा आप देख रहें हैं.जन समूह को हिन्दू धर्म के आस्था के प्रतीक इस सरोवर में डुबकी लगाने के बजाय एक कृत्रिम  टैंक में कृत्रिम रूप से भरे पानी में डुबकी लगा कर ही संतोष करना पड़ेगा.है ना अफ़सोस की बात.सरकार को तो इससे लेना देना ही क्या है.समय पर इसका desilting कराया होता ,गहरा करवाया होता ,घाटों पर बनी अवैध होटलों को हटाया होता ,आस पास की पहाडियों से वर्षा के  पानी को सरोवर तक पहुँचने के मार्ग में हुए अतिक्रमण को हटाया होता ,तो शायद यह नौबत नहीं आती. 

6 टिप्‍पणियां:

  1. आपका कहना सही है .... पर सरकार अक्सर उदासीन रहती है ऐसी सब बातों में .......... अपने आपको धर्म निरपेक्ष जो साबित करना है उसे ..........

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  2. sarkaar!!! majaak mat kijiye sarkaar ko kahaan fursat hai inki khabar lene ke liye!! jagruk honaa hai hamen !!! s

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  3. सही लिखा है आपने .........सरकार उदासीन ही होती है ऐसे मौको पर !

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  4. मुझे एक बार पुष्कर जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था |
    सुन्दर लगा था , परन्तु ऐसी हालत पर दुःख होता है

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  5. पुष्कर के बार में मैंने काफी पढ़ा है यह तीर्थ स्थान है . कहा जाता है की राजा दशरथ कर तर्पण श्री राम द्वारा इसी पुष्कर में किया गया था . इन तीर्थ स्थानो की ओर सरकार को ध्यान देना चाहिए ...

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  6. सरकार की यही उदासीनता देश की धरोहर को भी नुकसान पहुँचा रही है।यदि अभी भी सरकार का यही हाल रहा तो बहुत सी चीजे मात्र किताबो मे रह जाएगी।

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